पश्चिम बंगाल में 1 लाख कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी,390 करोड़ बढ़ेगा खर्च

पश्चिम बंगाल में 1 लाख कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी,390 करोड़ बढ़ेगा खर्च

पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल ने राज्य के विभिन्न संवर्गों और संविदा कर्मियों के मानदेय में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से कर्मचारियों के 14 समूहों को लाभ पहुंचेगा और राज्य सरकार पर प्रतिवर्ष 390 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। इसके अलावा वन कर्मियों, पैरा-टीचर्स और पूर्व विधायकों के भत्ते में भी बढ़ोतरी की गई है।
कोलकाता, सात सितंबर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार ने कई तरह के कर्मचारियों और अनुबंध पर काम करने वाले कर्मियों का वेतन बढ़ाने का फैसला किया है, जिससे लगभग एक लाख लोगों को फायदा होगा। मुख्यमंत्री ने यहां मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद मीडिया से बात करते हुए यह भी कहा कि शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मियों के एक विश्वविद्यालय से दूसरे विश्वविद्यालय में स्थानांतरण को आसान बनाने के प्रावधान वाला एक विधेयक 10 सितंबर को विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में पेश किया जाएगा। अधिकारी ने कहा, ‘‘कर्मचारियों के 14 समूहों को पारिश्रमिक में बढ़ोतरी का फायदा मिलेगा, जिन्हें 2026-27 के राज्य बजट में शामिल नहीं किया गया था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस काम के लिए राज्य पर हर साल 390 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा और इससे एक लाख से अधिक लोगों को फायदा होगा।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि एक अक्टूबर से ‘डिप्टी रेंजर’ से लेकर वन रक्षक तक, वन अधिकारियों के वेतन में 5,000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
उन्होंने कहा कि लगभग 1,500 वन स्वयंसेवियों के मानदेय में भी प्रति माह 2,000 रुपये की बढ़ोतरी की जाएगी। अधिकारी ने कहा कि एक अगस्त से पूर्व विधायकों के चिकित्सा भत्ते को भी 6,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा के जिन विधायकों ने अपने चुनाव क्षेत्रों में नेताजी सेवा केंद्र शुरू किए हैं, उन्हें इन्हें संचालित करने के लिए हर महीने 30,000 रुपये मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने हाल में विधायकों को निर्देश दिया था कि वे अपने निर्वाचन क्षेत्रों में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर ये जन-सेवा केंद्र स्थापित करें। अधिकारी ने यह भी कहा कि एक नवंबर से प्राथमिक और अपर प्राथमिक स्कूल स्तर के 20,343 पैरा-शिक्षक और शिक्षा बंधुओं का मानदेय हर महीने 5,000 रुपये बढ़ाया जाएगा।