अवैध प्लाटिंग पर सख्ती के लिए 12 जिलों में टास्क फोर्स गठित: मंत्री ने दिया जवाब

अवैध प्लाटिंग पर सख्ती के लिए 12 जिलों में टास्क फोर्स गठित: मंत्री ने दिया जवाब

छत्तीसगढ़ सरकार ने शहरी और अर्धशहरी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रही अवैध प्लाटिंग और कॉलोनी निर्माण पर लगाम कसने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य में जिला स्तरीय टास्क फोर्स गठित की जा रही है, जिसमें अब तक 12 जिलों में गठन पूरा हो चुका है। यह जानकारी विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने दी।

टास्क फोर्स रखेगी कड़ी निगरानी
मंत्री ने बताया कि अवैध प्लाटिंग और कॉलोनियों के गोरखधंधे पर प्रभावी रोक लगाने के लिए गठित टास्क फोर्स में कलेक्टर, एसपी, आवास एवं पर्यावरण विभाग के अधिकारी, नगरीय निकायों के कमिश्नर/सीएमओ और जिला पंचायत के सीईओ शामिल होंगे। यह समिति नियमों के उल्लंघन पर नजर रखेगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।

सदन में उठा मुद्दा
कांकेर और धमतरी जिलों में अवैध प्लाटिंग को लेकर सत्ता और विपक्ष के सदस्यों ने सवाल उठाए, जिस पर मंत्री ने सख्ती के संकेत दिए।

भू-भाटक को लेकर भी अहम जानकारी
विधायक देवेंद्र यादव के सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि नजूल भूमि के भू-भाटक निर्धारण के लिए राजस्व पुस्तक परिपत्र और विभागीय अधिसूचनाओं के तहत नियम तय हैं।

4 फरवरी 2020 की अधिसूचना में वार्षिक भू-भाटक की दरें निर्धारित की गई हैं

12 फरवरी 2015 की अधिसूचना में नजूल भूमि के नवीनीकरण और पट्टा प्रक्रिया के निर्देश दिए गए हैं

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि नगरीय क्षेत्रों में शामिल ग्रामों की नजूल भूमि के मामलों में चालू वर्ष से मानक दर पर भू-भाटक लिया जाएगा।

नई गाइडलाइन जल्द
विधायक देवेंद्र यादव द्वारा पुनर्निर्धारण और एकरूपता को लेकर उठाए गए सवाल पर टंकराम वर्मा ने कहा कि नई गाइडलाइन का ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। अगले 2-3 महीनों में इसे अंतिम रूप देकर पूरे प्रदेश में एकरूपता के साथ लागू किया जाएगा।

सरकार के इस फैसले को अवैध कॉलोनियों पर लगाम लगाने और शहरी विकास को व्यवस्थित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।