झीरम घाटी शहादत दिवस पर कांग्रेस ने DKS अस्पताल में लगाया भंडारा
झीरम घाटी हमले के शहीदों की 13वीं बरसी पर प्रदेश कांग्रेस असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ द्वारा राजधानी रायपुर के DKS सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान हजारों मरीजों और उनके परिजनों को भोजन कराया गया तथा झीरम घाटी में शहीद हुए नेताओं और कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया। कांग्रेस असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक ने कहा कि झीरम घाटी की घटना नक्सलियों की कायराना हरकत थी, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। उन्होंने कहा कि शहीद नेताओं और कार्यकर्ताओं की कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जा सकता और कांग्रेस परिवार हमेशा उनके पदचिन्हों पर चलकर जनता के हित में कार्य करता रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि झीरम घाटी हमले के बाद बस्तर में शांति बहाली की दिशा में प्रयास जरूर हुए हैं, लेकिन इस राजनीतिक हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ताओं का अब तक पूरी तरह खुलासा नहीं हो पाया है।
प्रदेश कांग्रेस महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश की जनता आज भी झीरम घाटी हत्याकांड के मास्टरमाइंड के बारे में सच जानना चाहती है। उन्होंने कहा कि जब तक इस हमले की पूरी साजिश और जिम्मेदार लोगों का खुलासा नहीं होता, तब तक शहीदों को वास्तविक न्याय नहीं मिल पाएगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें ओबीसी कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मण सेन, शहर जिला कांग्रेस महासचिव जावेद नकवी, शाहिद अशरफी, राजेश त्रिवेदी, मुकुंद कागदेलवार, शरद गुप्ता, अजय दास सन्नी, तहसीन खान, मनीष दास, शिव पासवान, मोहम्मद इरफान, प्रदुम्न शर्मा, देवेंद्र पवार, मुनेश गौतम और हितेश देवांगन समेत कई लोग शामिल हुए।