राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हुए शिक्षक लक्ष्मीकांत शर्मा उभरती प्रौद्योगिकियों और नवाचारी शिक्षण पद्धतियों में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिला राष्ट्रीय सम्मान

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राजनांदगांव।

शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य, नवाचारी शिक्षण पद्धतियों के सफल प्रयोग तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास हेतु किए गए उल्लेखनीय प्रयासों के लिए शिक्षक लक्ष्मीकांत शर्मा को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। उन्हें 6 जून 2026 को नई दिल्ली के द्वारका स्थित आईटीसी वेलकम होटल में आयोजित शिक्षा में उभरती प्रौद्योगिकियों पर राष्ट्रीय शिक्षक परामर्श कार्यक्रम में प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
लक्ष्मीकांत शर्मा वर्तमान में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला खपरीकला, विकासखंड डोंगरगांव, जिला राजनांदगांव में गणित एवं संस्कृत विषय के शिक्षक के रूप में कक्षा 6वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों को शिक्षण कार्य करा रहे हैं। उनका निवास रिद्धि सिद्धि कॉलोनी, राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) में है। यह प्रतिष्ठित कार्यक्रम भारती एयरटेल फाउंडेशन एवं द टीचर ऐप के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से चयनित शिक्षकों, शिक्षा विशेषज्ञों तथा नवाचारों से जुड़े शिक्षाविदों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में उभरती प्रौद्योगिकियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल शिक्षण संसाधनों तथा नवाचार आधारित शिक्षण प्रक्रियाओं के प्रभावी उपयोग पर शिक्षकों के अनुभव, सुझाव और विचार प्राप्त करना था। कार्यक्रम के दौरान लक्ष्मीकांत शर्मा ने शिक्षा में तकनीकी नवाचारों के प्रयोग, विद्यार्थियों में रचनात्मकता एवं तार्किक सोच विकसित करने के प्रयासों तथा आधुनिक शिक्षण विधियों के माध्यम से सीखने को अधिक प्रभावी और रोचक बनाने संबंधी अपने अनुभव साझा किए। उनके कार्यों और शिक्षा के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया। यह प्रशंसा प्रमाण-पत्र भारती एयरटेल फाउंडेशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुश्री नूरिया अंसारी द्वारा प्रदान किया गया। सम्मान प्राप्त करते हुए लक्ष्मीकांत शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि उनके विद्यालय, विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा समस्त शिक्षक समुदाय के सामूहिक प्रयासों और सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक समर्पण एवं नवाचार के साथ कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल तकनीकों का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में शिक्षकों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है कि वे इन तकनीकों का सकारात्मक एवं रचनात्मक उपयोग करते हुए विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करें। लक्ष्मीकांत शर्मा को राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान से उनके विद्यालय, सहकर्मियों तथा क्षेत्र के शिक्षा जगत में हर्ष का वातावरण है। उनके सहयोगियों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं शुभचिंतकों ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। सभी ने इसे शिक्षा जगत के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि ऐसे शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राष्ट्रीय मंच पर प्राप्त यह सम्मान न केवल लक्ष्मीकांत शर्मा की मेहनत, लगन और नवाचारी सोच का प्रमाण है, बल्कि यह शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।