अंकसूची के इंतजार में लाखों छात्र, एडमिशन पर मंडराया संकट
छत्तीसगढ़ में पांचवीं और आठवीं की केंद्रीकृत परीक्षा देने वाले करीब सात लाख विद्यार्थियों को अब तक अंकसूची (मार्कशीट) नहीं मिल पाई है। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बावजूद स्कूलों तक मार्कशीट नहीं पहुंचने से छात्रों और अभिभावकों की परेशानी बढ़ गई है। इसका सीधा असर नई कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया पर पड़ रहा है।
स्कूल शिक्षा विभाग ने इस वर्ष शासकीय स्कूलों के साथ-साथ सभी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में भी पांचवीं और आठवीं की केंद्रीकृत परीक्षा आयोजित की थी। कक्षा पांचवीं की परीक्षा 16 से 25 मार्च तथा आठवीं की परीक्षा 17 मार्च से 6 अप्रैल तक आयोजित हुई थी। परिणाम जारी होने के बाद भी विद्यार्थियों को अंकसूची उपलब्ध नहीं कराई गई है।
जानकारी के मुताबिक प्रदेश के किसी भी स्कूल में अभी तक मार्कशीट नहीं पहुंची है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है और छात्र अगली कक्षाओं में प्रवेश के लिए दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं।
प्रवेश प्रक्रिया पर पड़ा असर
पांचवीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को छठी और आठवीं पास छात्रों को नौवीं कक्षा में प्रवेश के लिए अंकसूची जमा करना अनिवार्य है। कई निजी स्कूलों ने विद्यार्थियों को अस्थायी रूप से कक्षाओं में बैठने की अनुमति तो दे दी है, लेकिन स्पष्ट कर दिया है कि मार्कशीट जमा होने के बाद ही प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी।
अभिभावकों का कहना है कि परिणाम जारी होने के बाद भी अंकसूची नहीं मिलने से अनावश्यक परेशानी हो रही है। वहीं स्कूल प्रबंधन भी विभाग से जल्द अंकसूची उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं, ताकि प्रवेश प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
अब विद्यार्थियों और पालकों की निगाहें स्कूल शिक्षा विभाग पर टिकी हैं कि आखिर कब तक लंबित अंकसूचियां जारी की जाएंगी और प्रवेश संबंधी दिक्कतों का समाधान होगा।