एएमयू प्रोफेसर ने मोहन भागवत के बयान का किया स्वागत:रेहान अख्तर काशमी बोले- विविधता में एकता ही भारत की ताकत
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के प्रोफेसर रेहान अख्तर काशमी ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के हालिया न्यूयॉर्क बयान का स्वागत किया है।30 अगस्त 2026 को अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि भागवत का यह कहना कि अगर कोई हिंदू यह सोचता है कि भारत में कोई मुसलमान नहीं रहना चाहिए, तो वह हिंदू नहीं हो सकता, पूरी दुनिया के लिए सकारात्मक संदेश है।
हर समुदाय के योगदान से बनता है राष्ट्र
प्रोफेसर काशमी ने कहा कि कोई भी राष्ट्र विभिन्न समुदायों से मिलकर बनता है। अलग-अलग परंपराओं और रीति-रिवाजों के बावजूद किसी समुदाय को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। भारत विविधताओं वाला देश है, जहां अलग-अलग धर्म और संस्कृतियों के लोग लंबे समय से भाईचारे के साथ रहते आए हैंउन्होंने कहा कि देश की प्रगति में सभी समुदायों का महत्वपूर्ण योगदान है। इसलिए समाज में आपसी सम्मान और भाईचारे की भावना मजबूत करना जरूरी है।
बोले- संदेश सिर्फ भारत नहीं, पूरी दुनिया के लिएप्रोफेसर काशमी ने कहा कि मोहन भागवत का संदेश केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक मिसाल पेश करता है। इससे यह संदेश जाता है कि दुनिया के किसी भी हिस्से में हर समुदाय की गरिमा और सम्मान की रक्षा होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि संघ प्रमुख इससे पहले भी कई मौकों पर देशवासियों से एकजुट होकर भारत को मजबूत बनाने की अपील कर चुके हैं।
सभी मिलकर काम करेंगे तो मजबूत होगा भारत
प्रोफेसर रेहान अख्तर काशमी ने कहा कि जब देश के सभी नागरिक आपसी मतभेदों को भुलाकर मिलकर काम करेंगे, तभी भारत सही मायनों में ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ के रूप में उभर सकेगा।
उन्होंने कहा कि विविधता में एकता ही राष्ट्र की असली ताकत है। इसी शक्ति के बल पर भारत वैश्विक मंच पर एक मजबूत राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान और मजबूत कर सकता है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से देश की मजबूती और अखंडता को सर्वोपरि रखने की अपील की