करोड़ों की लागत से बने इंडोर स्टेडियम में दो साल से लटका ताला, परिसर में उगी घास, न रखरखाव न खिलाड़ियों को सुविधा : आम आदमी पार्टी
महासमुंद। आम आदमी पार्टी ने शहर में करोड़ों की लागत से तैयार इंडोर स्टेडियम के लंबे समय से बंद पड़े रहने को लेकर प्रशासन और जिम्मेदार विभाग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि जिस खेल परिसर का निर्माण जिले के खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने और युवाओं की खेल प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से किया गया था, वह उपयोग के बजाय उपेक्षा का शिकार है। स्टेडियम के आसपास घास-झाड़ियां उग रही हैं और लंबे समय तक नियमित उपयोग नहीं होने से करोड़ों की सरकारी संपत्ति के रखरखाव पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
आप प्रदेश उपाध्यक्ष भूपेन्द्र चन्द्राकर ने कहा कि ₹1.34 करोड़ की लागत से निर्माण के बाद स्टेडियम को नियमित रूप से खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध ही नहीं कराया जाना था, तो इतनी बड़ी राशि खर्च करने का औचित्य क्या है? आखिर दो साल तक स्टेडियम पर ताला क्यों लगा रहा और इसके संचालन की जिम्मेदारी किस विभाग या एजेंसी की है?
उन्होंने सवाल उठाया कि जिले के युवा और खिलाड़ी बेहतर खेल सुविधाओं के लिए परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार द्वारा तैयार खेल अधोसंरचना उपयोग के अभाव में खराब हो रही है। स्टेडियम परिसर में उगी घास और अव्यवस्था यह बताने के लिए पर्याप्त है कि निर्माण के बाद रखरखाव और संचालन की व्यवस्था पर गंभीर लापरवाही बरती गई है।
प्रदेश सचिव संजय यादव ने कहा कि सरकार का काम सिर्फ भवन बनाना नहीं, बल्कि उस भवन का उपयोग सुनिश्चित करना भी है। खेल मैदान और इंडोर स्टेडियम युवाओं के भविष्य से जुड़े संसाधन हैं। यदि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी उन्हें बंद रखा जाएगा तो यह सीधे तौर पर सरकारी धन और खेल प्रतिभाओं दोनों के साथ अन्याय है।
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि इंडोर स्टेडियम की वर्तमान स्थिति की सार्वजनिक जांच कराई जाए, निर्माण एवं रखरखाव से संबंधित पूरा खर्च और उपयोग का रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। साथ ही स्टेडियम को तत्काल व्यवस्थित कर जिले के खिलाड़ियों और खेल संगठनों के लिए नियमित रूप से खोला जाए।