रायपुर में घी की जांच में बड़ा खुलासा, 12 में 6 सैंपल फेल
राजधानी में बिक रहे घी की गुणवत्ता को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच में चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। विभाग ने अलग-अलग इलाकों से घी के 12 सैंपल लेकर जांच के लिए भोपाल की प्रयोगशाला भेजे थे। जांच रिपोर्ट में 6 सैंपल निर्धारित खाद्य मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। इनमें अमूल, देवभोग, वचन, कीर्ति गोल्ड प्योर काऊ घी, देशी घी धौलपुर और वास्तु एगमार्क घी शामिल हैं।
छह सैंपल में तय सीमा से ज्यादा लेड
जांच रिपोर्ट के मुताबिक इन छह सैंपल में लेड की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई। घी में लेड की मानक सीमा 0.02 mg/kg बताई गई है।
जांच में अमूल घी में 0.037 mg/kg, देवभोग में 0.035 mg/kg, देशी घी धौलपुर में 0.043 mg/kg, वचन में 0.161 mg/kg, कीर्ति गोल्ड में 0.192 mg/kg और वास्तु एगमार्क में 0.154 mg/kg लेड पाया गया।
कीर्ति गोल्ड में सबसे ज्यादा लेड
दिए गए आंकड़ों के अनुसार कीर्ति गोल्ड प्योर काऊ घी के सैंपल में लेड की मात्रा सबसे ज्यादा 0.192 mg/kg दर्ज की गई। यह निर्धारित 0.02 mg/kg सीमा से करीब 9.6 गुना अधिक है।
वहीं, वास्तु एगमार्क घी के सैंपल में लेड के अलावा बीआर रीडिंग और आयोडीन वैल्यू भी अधिक पाई गई। जांच में इसमें वनस्पति फैट की मौजूदगी भी सामने आई है।
15 से 30 अगस्त के बीच लिए गए थे सैंपल
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने 15 से 30 अगस्त के बीच रायपुर के अलग-अलग इलाकों से घी के नमूने लिए थे। इनमें डूंडा-कौशल्या विहार, डूमरतराई, टेमरी और गोबरा नवापारा शामिल हैं।
सैंपल एवेन्यू सुपर मार्केट, बालाजी ट्रेडिंग, मयंक ट्रेडिंग, मयंक एजेंसी और शुभम् मार्ट से लिए गए थे। इसके बाद सभी नमूनों को जांच के लिए भोपाल की प्रयोगशाला भेजा गया था।
खाद्य सुरक्षा को लेकर विशेषज्ञ ने जताई चिंता
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. देवेंद्र नायक के मुताबिक, खाद्य पदार्थ में निर्धारित सीमा से अधिक लेड पाया जाना गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा की चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक अधिक मात्रा में लेड का सेवन शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है और इसका असर किडनी, मस्तिष्क सहित शरीर के विभिन्न अंगों पर पड़ सकता है।
रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
फूड एंड सेफ्टी, रायपुर के अभिहित अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि शहर के अलग-अलग इलाकों से घी के नमूने लेकर जांच के लिए भोपाल की प्रयोगशाला भेजे गए थे। रिपोर्ट में छह सैंपल निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।