आरक्षक भर्ती : हाईकोर्ट ने सरकार और व्यापम को भेजा नोटिस, तीन हफ्ते में मांगा जवाब
पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा के मामले में चयन प्रक्रिया में अनियमितता को लेकर हाईकोर्ट में याचिका लगी है। इसे लेकर राज्य शासन और व्यापम को नोटिस जारी किया गया है और 3 हफ्ते में जवाब मांगा गया है। जस्टिस पी पी साहू की एकलपीठ ने यह नोटिस जारी किया है। इसे भर्ती नियम 2007 के उल्लंघन का मामला माना जा रहा है। 10 अभ्यर्थियों की दायर याचिका पर सुनवाई हुई है।
बता दें कि छत्तीसगढ़ में पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2024-25 के परिणाम जारी होने के बाद विरोध हो रहा है। चयन सूची में नाम नहीं आने वाले अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी कड़ी में बीते दिनों बड़ी संख्या में आरक्षक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के सामने अपनी बात रखी थी। हालांकि उप मुख्यमंत्री का कहना है कि भर्ती पूरी तरह नियमानुसार हुई है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के आवास पर बड़ी संख्या में पहुंचे पुलिस भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों का आरोप है कि प्रदेश में 5,967 आरक्षक भर्ती में अनियमितताएं हुई हैं। अभ्यर्थियों की मांग है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर नए सिरे से निष्पक्ष तरीके से परीक्षा कराई जाए।
अभ्यर्थियों ने कट-ऑफ और मेरिट सूची पर सवाल उठाते हुए कहा कि अपेक्षाकृत कम अंक पाने वाले उम्मीदवारों का चयन हुआ, जबकि अधिक अंक प्राप्त करने वाले बाहर रह गए। कुछ जिलों और रेंज में घोषित पदों के मुकाबले एक-दो पद खाली छोड़े जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं, जिसे अभ्यर्थी मनमाना निर्णय बता रहे हैं। उनका आरोप है कि नॉर्मलाइजेशन और मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई। अलग-अलग शिफ्ट में हुई परीक्षा के अंक समायोजन का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया, जिससे संदेह और गहराया है।