रायपुर में 5 लाख वोटरों के नाम काटने की तैयारी, 1.33 लाख को भेजा गया नोटिस
विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद जारी प्रारंभिक मतदाता सूची के अनुसार रायपुर जिले में कुल 5 लाख 11 हजार 136 मतदाताओं के नाम कटने की स्थिति में हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या उन मतदाताओं की है, जो अब जिले से बाहर रह रहे हैं या जिनका वर्तमान पता जिले में नहीं है।
जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 84 हजार 2 मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है। वहीं 3 लाख 87 हजार 330 मतदाता दूसरे जिलों के निवासी हो चुके हैं। इसके अलावा 23 हजार 180 मतदाता ऐसे हैं, जिनका सत्यापन नहीं हो पाया है। 14 हजार 311 मतदाता पहले से ही अन्य स्थानों पर नामांकित पाए गए हैं, जबकि 2 हजार 313 नाम अन्य कारणों से हटाए जाने की श्रेणी में हैं।
निर्वाचन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मृत मतदाताओं को छोड़कर शेष सभी को मतदाता सूची में नाम बनाए रखने का अवसर दिया जा रहा है। इसके लिए संबंधित मतदाताओं को आयोग द्वारा निर्धारित फार्म भरकर आवश्यक प्रमाणिक दस्तावेज जमा करने होंगे।
एसआईआर के बाद 23 दिसंबर 2025 की स्थिति में रायपुर जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों और बलौदाबाजार सहित कुल आठ विधानसभा क्षेत्रों के 2484 मतदान केंद्रों में कुल 14 लाख 89 हजार 251 मतदाता दर्ज हैं। इनमें 7 लाख 39 हजार 821 पुरुष, 7 लाख 49 हजार 309 महिला और 121 अन्य मतदाता शामिल हैं।
कैटेगरी-सी के वोटरों को नोटिस
एसआईआर के दौरान फार्म जमा करने वाले मतदाताओं को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। कैटेगरी-ए में 5 लाख 28 हजार 859 मतदाता शामिल हैं, जिनके नाम वर्ष 2003 की एसआईआर सूची में पहले से दर्ज थे। कैटेगरी-बी में 8 लाख 24 हजार 631 मतदाता हैं, जिनके नाम भले 2003 की सूची में नहीं थे, लेकिन उनके माता-पिता या दादा-दादी सूची में दर्ज थे।
कैटेगरी-सी में 1 लाख 35 हजार 761 मतदाता शामिल हैं, जिनका नाम न तो 2003 की सूची में था और न ही उनके परिजनों का। ऐसे मतदाताओं को अब नोटिस जारी कर आयोग द्वारा मान्य 13 प्रमाणिक दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
1.33 लाख को नोटिस, 36 हजार को तामिली
जिला निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक कैटेगरी-सी के 1 लाख 35 हजार 761 मतदाताओं में से 1 लाख 33 हजार 53 को नोटिस जारी किया जा चुका है। इनमें से 36 हजार 422 मतदाताओं को नोटिस की तामिली भी कराई जा चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि मतदाताओं को निर्धारित तारीख और समय पर दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा रहा है, ताकि पात्र मतदाता सूची में अपना नाम सुरक्षित रख सकें।