छत्तीसगढ़ विश्व मैत्री मंच का काव्य चौपाल सम्पन्न
अंतर्राष्ट्रीय विश्व मैत्री मंच की छत्तीसगढ़ विश्व मैत्री मंच इकाई "काव्य चौपाल" अनौपचारिक गोष्ठी वरिष्ठ सदस्य चंद्रकला त्रिपाठी के निज निवास पारिजात सदन रायपुरा चौक महादेव घाट रोड में सम्पन्न हुआ।संस्था अध्यक्ष डॉ मीता अग्रवाल ने कार्यक्रम का आरंभ दीप प्रज्वलित कर किया। ईरा पंत के सरस्वती वंदना के सुमधुर गायन से काव्य
चौपाल की शुरुआत हुई। इस चौपाल में
नीलिमा मिश्रा ने -
चौमासे की झड़ी थी,
प्राणाधिक प्रिया की,
विरह वेदना तुलसी के,
दग्ध ह्रदय में खड़ी थी।
मीता अग्रवाल मधुर ने -
सावन घटा सुहानी, मेघ दल गिरे पानी।
झिमिर झिमिर बूंद,बड मन भाए है।
सुनीता विनय वर्मा -
पुरुषों से नाता से मन है घबराता,
सब तो अपने हैं कुछ कहा नहीं जाता।
क्यों पुरुष हमेशा नारी को गिराते,
कमतर होने का क्यों एहसास कराते ।
अनीता झा
सावन में बरसे बदरिया है
सवारियाँ आये नही ,
बादल संग बिजली हैं
खेलि चौघड़िया,
झूले पड़े सावन की गलियाँ
कि सवारियाँ आये नही
ईरा पंत ने
आगे ओ, सावन के महीना,
छूटीस बदरा भी ला पसीना।
खेत ओ डबरी भरगे लबालब,
नदिया घलो इतरावथे ना।
आशा जोशी शिव स्त्रोत सुना कर सावन का स्वागत किया।
चंद्रकला त्रिपाठी ने स्वध्याय सुंदर त्रिपाठी जी की भावप्रवण कविता पढ़कर खूब वाहवाही बटोरी।इस आयोजन में मंजु सरावगी व वृंदा पंचभाई, गीता भट्टाचार्य ने आभासी शिरकत की उपस्थिति
