हेल्थ चेकअप कराइए और दुबई जाईए: निजी हॉस्पिटल के विज्ञापन पर CMHO का नोटिस
रायपुर राजधानी में एक निजी अस्पताल द्वारा जारी किए गए भ्रामक विज्ञापन ने स्वास्थ्य विभाग को सतर्क कर दिया है। अम्बुजा सिटी सेंटर के पास स्थित ITSA Hospital ने अपने हेल्थ चेकअप पैकेज के साथ दुबई का फ्री टूर और टू-व्हीलर जीतने के लकी ड्रॉ का ऑफर प्रचारित किया था। इस विज्ञापन को स्वास्थ्य विभाग ने अनैतिक, भ्रामक और कानून का उल्लंघन मानते हुए तत्काल कार्रवाई की है।
अस्पताल के विज्ञापन में यह साफ तौर पर दर्शाया गया था कि हेल्थ चेकअप कराने वाले मरीजों को लकी ड्रॉ के जरिए विदेश यात्रा या बड़ी नकद राशि जीतने का मौका मिलेगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह इलाज और जांच को लॉटरी से जोड़ना मरीजों को गुमराह करता है और चिकित्सा पेशे की गरिमा को ठेस पहुंचाता है।
CMHO ने जारी किया नोटिस
मामला सामने आने के बाद रायपुर जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने 14 जनवरी को ITSA Hospital के संचालक को विस्तृत नोटिस जारी किया। नोटिस में तत्काल विज्ञापन हटाने और ऐसी गतिविधियां बंद करने के निर्देश दिए गए, साथ ही आगे कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। नोटिस की प्रतिलिपि राज्य स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक, जिला प्रशासन और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन को भी भेजी गई है।
इन कानूनों का हुआ उल्लंघन
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अस्पताल का यह विज्ञापन कई नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) रेगुलेशन 6.1.1 के तहत किसी भी चिकित्सा सेवा या जांच को इनाम, लॉटरी या किसी भी प्रकार के प्रलोभन से जोड़कर प्रचारित करना प्रतिबंधित है।
ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज (आपत्तिजनक विज्ञापन) एक्ट, 1954 की धारा 3 और 4 के तहत भ्रामक और लालच देने वाले स्वास्थ्य संबंधी विज्ञापनों पर रोक है।
नर्सिंग होम एक्ट भी मरीजों में भ्रम पैदा करने वाली गतिविधियों को प्रतिबंधित करता है।
मेडिकल काउंसिल की प्रतिक्रिया
छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल के सदस्य डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा: “इलाज या जांच के लिए मरीजों को लुभाने वाले विज्ञापन मेडिकल एथिक्स और नर्सिंग होम एक्ट का स्पष्ट उल्लंघन हैं। ऐसी गलत परंपरा को रोकना हम सभी की जिम्मेदारी है।”
वहीं मेडिकल काउंसिल के ही सदस्य डॉ. ललित शाह ने कहा कि सिर्फ ऑफर वापस लेना पर्याप्त नहीं है। अस्पताल को सार्वजनिक रूप से खेद भी प्रकट करना चाहिए था।
ऑफर वापस, लेकिन माफी नहीं
CMHO के नोटिस के बाद ITSA Hospital ने 16 जनवरी को प्रकाशित विज्ञापन में यह स्पष्ट किया कि पूर्व में जारी ऑफर को विधिवत वापस ले लिया गया है और अब वह अमान्य है। हालांकि अस्पताल की ओर से किसी भी प्रकार की सार्वजनिक माफी या खेद प्रकट नहीं किया गया।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
ऐसा ही एक मामला वर्ष 2022 में हरियाणा के गुरुग्राम में सामने आया था, जहां एक निजी अस्पताल द्वारा फ्री OPD और इलाज का प्रचार किया गया था। उस मामले में हरियाणा मेडिकल काउंसिल ने संबंधित डॉक्टरों को चेतावनी देते हुए भविष्य में ऐसा न करने के शपथपत्र लिए थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्वास्थ्य सेवा कोई व्यापार नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी है। इस तरह के प्रलोभन वाले विज्ञापन मरीजों के भरोसे को कमजोर करते हैं और पूरे चिकित्सा क्षेत्र की साख को नुकसान पहुंचाते हैं।