जमीन रजिस्ट्री पर 12% सेस खत्म, विधानसभा से संशोधन विधेयक पारित
छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने जमीन की रजिस्ट्री पर लगने वाले 12 प्रतिशत उपकार (सेस) को समाप्त कर दिया है। इसके लिए छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में शुक्रवार को “छत्तीसगढ़ उपकार संशोधन विधेयक 2026” पेश कर पारित किया गया।
आम जनता को सीधा लाभ
सरकार के इस फैसले से राज्य के करीब तीन करोड़ लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। अब जमीन की रजिस्ट्री कराने पर अतिरिक्त 12% सेस नहीं देना होगा, जिससे आम नागरिकों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी। सरकार के अनुसार, इस निर्णय से हर साल लगभग 147 से 150 करोड़ रुपये तक की बचत जनता को होगी।
यह उपकार पूर्ववर्ती सरकार द्वारा राजीव गांधी युवा मितान क्लब योजना के लिए लगाया गया था। हालांकि, अब इसे समाप्त कर दिया गया है।
सदन में तीखी बहस
विधेयक पर चर्चा के दौरान भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मितान क्लब योजना का न तो सही तरीके से पंजीयन हुआ और न ही उसका ऑडिट किया गया।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब पारदर्शिता नहीं थी, तो करीब 52 करोड़ रुपये खर्च कैसे किए गए। साथ ही इस मामले की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों से राशि की वसूली की मांग भी की।
अंततः विधेयक पारित
सदन में जोरदार बहस के बाद संशोधन विधेयक को पारित कर दिया गया। इसके साथ ही अब स्टांप शुल्क पर लगने वाला अतिरिक्त सेस खत्म हो गया है, जिससे जमीन की खरीद-बिक्री प्रक्रिया और सस्ती व आसान हो जाएगी।
सरकार के इस फैसले को आम लोगों के लिए बड़ी राहत और रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए सकारात्मक कदम माना जा रहा है।