थाना परिसर में गूंजे विवाह मंत्र, पुलिस बनी साक्षी, नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद
जशपुर जिले से एक अनोखी और भावुक करने वाली घटना सामने आई है। पत्थलगांव थाना परिसर में सोमवार रात करीब 8 बजे उस समय विशेष माहौल बन गया, जब चार प्रेमियों ने थाना परिसर स्थित शिव मंदिर में भगवान को साक्षी मानकर सात फेरे लेकर विवाह कर लिया।
जाति की दीवारें तोड़कर लिया जीवनभर साथ निभाने का संकल्प
मिली जानकारी के अनुसार, दोनों प्रेमी जोड़े अलग-अलग जाति से ताल्लुक रखते थे, जिस कारण उन्हें परिजनों के विरोध और सामाजिक दबाव का सामना करना पड़ रहा था। बावजूद इसके, उन्होंने अपने प्रेम और विश्वास को प्राथमिकता देते हुए विवाह का निर्णय लिया और समाज की बाधाओं को पीछे छोड़ दिया।
एक जोड़े को झेलना पड़ा विरोध और झूमा-झटकी
शादी से पहले एक प्रेमी युगल को परिजनों के विरोध का सामना करना पड़ा, यहां तक कि उनके साथ झूमा-झटकी की भी स्थिति बनी। वहीं, दूसरे प्रेमी जोड़े ने बताया कि वे करीब एक वर्ष से प्रेम संबंध में थे। दोनों बालिग होने के कारण उन्होंने पत्थलगांव थाने में आवेदन देकर सुरक्षा और विवाह की अनुमति मांगी थी।
पुलिस बनी साक्षी, दिया आशीर्वाद
थाना परिसर स्थित शिव मंदिर में हुए इस विवाह के दौरान पुलिसकर्मी भी साक्षी बने। मौजूद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद भविष्य की कामना की। थाना परिसर में मौजूद लोगों के लिए यह दृश्य भावनात्मक और प्रेरणादायक रहा।
इन जोड़ों ने रचाई शादी
अमाकानी निवासी पल्लवी मरकाम ने गोढ़ीकला निवासी निर्मल लहरे के साथ भगवान भोलेनाथ के समक्ष विवाह किया। वहीं प्रेमनगर निवासी रानुराधा नामदेव ने रामकुमार विश्वकर्मा के साथ जीवनभर साथ निभाने की कसमें खाईं।
इस अनोखी शादी ने समाज को यह संदेश दिया कि प्रेम, विश्वास और आपसी सहमति के आगे जाति और सामाजिक बंधन टिक नहीं पाते।