प्रदेश के 751 आत्मानंद स्कूलों में आर्थिक संकट के लिए सरकार जिम्मेदार -भूपेन्द्र चन्द्राकर प्रदेश उपाध्यक्ष, आप
महासमुंद, 16 फरवरी 2026। आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष भूपेन्द्र चन्द्राकर ने छत्तीसगढ़ में संचालित आत्मानंद स्कूलों की आर्थिक संकट के लिए राज्य की भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार में प्रदेश के 751 आत्मानंद स्कूल जिसमें 403 इंग्लिश मीडियम स्कूल और 348 हिंदी मध्यम स्कूल जिला कलेक्टरों के माध्यम से संचालित होते थे लेकिन अब इसका संचालन राज्य का स्कूल शिक्षा विभाग कर रहा है। सरकार के पास कार्यक्रम करने के लिए फंड है लेकिन बच्चों की अच्छी शिक्षा के लिए फंड नहीं है। निश्चित ही राज्य सरकार प्रदेश के बच्चों को अशिक्षित ही रखना चाहती है!क्योंकि पांच लाख रुपए सालाना नियमित फंड से संचालित इन स्कूलों को अब आधा ही फंड मिल रहा है, वह भी कहीं कहीं। यही वजह है कई स्कूलों स्टेशनरी, छोटे-बड़े आयोजन और अप्रत्याशित खर्च के लिए उधार का सहारा लेना पड़ रहा है। हालत ऐसी हो गई है कि स्कूलों का रंग रोगन, छोटी-मोटी मरम्मत तक नहीं हो पा रही है।
राजधानी के बदहाल स्कूल :
रायपुर जिले में वर्तमान में 36 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल संचालित हैं। सभी स्कूलों में फंड की कमी बताई जा रही है और स्कूलों का बुरा हाल है। बिजली बिल का नोटिस भी मिला, बिल अभी भी पेंडिंग है।
प्रदेश में कई स्कूलों में लैब के लिए पैसे तक नहीं हैं:
उन्होंने बताया कि राजनांदगांव में एक हाई स्कूल को पिछली सरकार ने आत्मानंद स्कूल में तब्दील किया। यहां स्कूल के फर्नीचर बदले गए, रंगरोगन कराया गया, नाम के बोर्ड बदले गए लेकिन शिक्षा सुविधा नहीं बदल पाई। इस स्कूल में स्वीकृत शिक्षकों के पद से लगभग आधे शिक्षक अध्यापन कार्य कर रहें हैं। एक स्कूल को मात्र 2.55 लाख फंड ही दिया जा रहा है। फंड नहीं होने कारण अन्य छोटी मोटी व्यवस्था भी नहीं हो पा रही है । यहां कक्षा 9वीं से 12वीं तक 620 विद्यार्थी अध्यनरत है, जिसमें 145 बालिका और 475 बालक हैं लेकिन पर्याप्त शिक्षक नहीं है।
कई जगह शिक्षक हैं, लेकिन प्रयोगशाला नहीं :
उन्होंने बताया कि बस्तर जिले दरभा में दो स्वामी आत्मानंद विद्यालय पुराने सरकारी स्कूल में ही संचालित है। कमरों की कमी के कारण दो सत्र में शालाओं का संचालन हो रहा है। दरभा और चिंगपाल में अंग्रेजी व हिंदी माध्यम तथा चितापुर में मात्र हिन्दी माध्यम से पढ़ाई हो रही है। सरकार के अनुसार सभी जगह शिक्षकों के पद पूरे हैं, लेकिन संसाधनों की कमी से विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा नहीं मिल पा रही है।उन्होंने कहा कि राज्य के कई स्कूलों में एक साल से बच्चों को ड्रेस नहीं मिली है। नया सत्र शुरू होने वाला है, लेकिन अब तक न ड्रेस पहुंची है और न ही जरूरी शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। शिक्षकों की भारी कमी के कारण पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। कई स्कूल बंद हो चुके हैं जिससे बच्चों का भविष्य संकट में दिख रहा है। कई जगह अचानक स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई और आगे के एडमिशन को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। गरीब परिवार के पालकों के लिए दूसरे निजी स्कूलों की महंगी फीस चुकाना संभव नहीं है।
प्रदेश उपाध्यक्ष भूपेन्द्र चन्द्राकर ने सरकार से मांग की है कि सभी आत्मानंद स्कूलों को समुचित फंड मुहैया कराया जाए ताकि प्रदेश के गरीब बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके। आम आदमी पार्टी की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बिजली, पानी को आम जन के लिए सर्वप्रथम प्राथमिकता की विचारधारा रही है इसलिए हम प्रदेश में बच्चों की शिक्षा की अनदेखी का पुरजोर विरोध करते हैं।