सुशासन तिहार सिर्फ आंकड़ेबाजी,पिछले साल प्रदेश से कितने आवेदन आये और कितनों का निराकरण हुआ बताए सरकार-भूपेन्द्र चन्द्राकर, प्रदेश उपाध्यक्ष

सुशासन तिहार सिर्फ आंकड़ेबाजी,पिछले साल प्रदेश से कितने आवेदन आये और कितनों का निराकरण हुआ बताए सरकार-भूपेन्द्र चन्द्राकर, प्रदेश उपाध्यक्ष

महासमुन्द।आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष भूपेन्द्र चन्द्राकर ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए  राज्य सरकार के 1 मई से 10 जून 2026 तक चल रहे “सुशासन तिहार” को पूरी तरह से दिखावा करार दिया है। पिछले साल भी सरकार ने सुशासन त्यौहार मनाया था और इसी महीने सरकार ने 1 से 15 अप्रैल तक प्रदेश के हर जिले में समस्याओं के निराकरण के लिए शिविर लगाए, लेकिन इन शिविरों में आम जनता द्वारा दिए गए हजारों आवेदन आज तक लंबित पड़े हैं। सरकार जवाब दे कि पिछले साल सुशासन तिहार में प्रदेश से कुल कितने आवेदन आये और कितने आवेदनों का निराकरण हुआ? साय सरकार निठल्ली सरकार है जनता की तकलीफोँ से इन्हें कुछ भी लेना देना नहीं है।

भूपेन्द्र चन्द्राकर ने आरोप लगाया कि सरकार ने बड़े-बड़े दावे कर जनता को राहत देने की बात कही थी, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। उन्होंने कहा कि लोग अपनी मूलभूत समस्याओं—पानी, बिजली, सड़क, राशन और पेंशन जैसी जरूरी मांगों को लेकर शिविरों में पहुंचे थे, उम्मीद थी कि तत्काल समाधान मिलेगा, लेकिन अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।मैं अपने ही निवास क्षेत्र जगत विहार कालोनी का उदाहरण पेश करता हूं जहां के नागरिकों ने मूलभूत सुविधा  सड़क, पानी, नाली, बिजली की मांग हेतु ऑनलाइन और ऑफ लाईन दोनों आवेदन शुशासन तिहार के तहत महासमुन्द के विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा जी को टाऊन हाल में सौपा था जिसकी पावती और फ़ोटो आज भी हमारे पास सुरक्षित है जिस पर आज तक कोई कार्यवाही राज्य सरकार द्वारा नहीं की गई, वास्तव में उन सारे आवेदनों को कचरे के डिब्बे में डाल दिया गया।

उन्होंने कहा, “सरकार सिर्फ प्रचार और इवेंट मैनेजमेंट में लगी है। सुशासन तिहार के नाम पर जनता को भ्रमित किया गया, जबकि असल में यह सिर्फ कागजी औपचारिकता बनकर रह गया है।” वास्तव में शुशासन तिहार जाति, आय प्रमाण प्राप्त करने का जरिया मात्र है अगर सरकार वास्तव में राज्य में सुशासन चाहती है तो उसे आम जनता की मूलभूत समस्यायों का समाधान करना पड़ेगा।

चन्द्राकर ने आगे कहा कि यदि सरकार सच में जनता की समस्याओं को लेकर गंभीर होती, तो इन आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करती। लेकिन ऐसा न होने से साफ है कि प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से फेल हो चुका है।
आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही लंबित आवेदनों का निराकरण नहीं किया गया, तो पार्टी प्रदेशभर में आंदोलन करेगी और जनता की आवाज को सड़क से लेकर सदन तक उठाएगी। सुशासन तिहार को लेकर सरकार जहां अपनी पीठ थपथपा रही है, वहीं विपक्ष इसे पूरी तरह असफल और जनता के साथ छलावा बता रहा है। अब देखना होगा कि सरकार इन आरोपों पर क्या जवाब देती है और लंबित समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाती है।