बजट 26-27 में रोजगार, स्वास्थ्य व्यवस्था सहित आदिवासियों की अनदेखी -भूपेन्द्र चन्द्राकर प्रदेश उपाध्यक्ष, आप

बजट 26-27 में रोजगार, स्वास्थ्य व्यवस्था सहित आदिवासियों की अनदेखी -भूपेन्द्र चन्द्राकर प्रदेश उपाध्यक्ष, आप

महासमुंद, 25 फरवरी 2026। इस साल के भाजपा के ‘संकल्प’ बजट 2026-27 में किसान, युवा, शिक्षा, स्वास्थ्य सभी क्षेत्र के लिए कुछ खास प्राथमिकता सरकार द्वारा नहीं दी गयी है, यह कहना है आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष भूपेन्द्र चन्द्राकर का। उन्होंने कहा कि  प्रदेश के अनियमित कर्मचारियों के लिए कुछ प्रावधान नहीं रखा गया है। महिला सुरक्षा के लिए कुछ नहीं दिया गया।रसोइया संघ की मांगों को फिर अनदेखा किया गया।पिछले साल के बजट में पेट्रोल पर वैट कटौती करते हुए पेट्रोल की कीमत 1 रुपए प्रति लीटर कम किया था लेकिन इस साल आम लोगों को सिर्फ निराशा ही हाथ लगी है। पीएम आवास को ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया है,जबकि पिछले साल पंचायत राज में 8,500 करोड़ रुपए का प्रावधान प्रधानमंत्री आवास के लिए किया गया था लेकिन आज भी लाखों लोगों को पीएम आवास नहीं मिल पाया है।

      प्रदेश सचिव संतोष चन्द्राकर ने कहा कि बस्तर और सरगुजा को विकास के नाम पर सिर्फ झुनझुना पकड़ाया गया है।बजट 2026-27 में स्वास्थ्य क्षेत्र  5 नए मेडिकल कॉलेज खोलने,1500 करोड़ आयुष्मान और NHM के लिए 2000 करोड़ का प्रावधान सरकार ने रखा है जबकि राज्य में लचर स्वास्थ्य व्यवस्था है, पहले से ही मेडिकल कॉलजों में प्रोफेसर के पद खाली पड़े हुए,राज्य के सबसे बड़े अस्पताल मेकाहारा में मशीनें ख़राब हैं, कई जरूरी जांच नहीं हो रही है मरीजों को निजी अस्पतालों में जांच करवानी पड़ रही है। NHM कर्मचारियों की मांगों को अब तक सरकार ने पूरा नहीं किया है।

    प्रदेश सह सचिव संजय यादव ने कहा कि बजट में सबसे ज्यादा प्रदेश के किसानों की अनदेखी की गई है।
राज्य के युवाओं के सशक्तिकरण हेतु सरकार ने 1,097 करोड़ की प्रभावी व्यवस्था की है लेकिन राज्य में युवाओं को रोजगार नहीं दिया जा रहा है।बीएड डीएड अभ्यर्थी 3 महीनों से अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर हैं लेकिन तानाशाही सरकार ने उन्हें जेल में डाल दिया है। कुल मिलाकर इस बजट से आम आदमी निराश हुआ है।