पेट्रोल पंप डीलरशिप रद्द, हाईकोर्ट ने HPCL पर लगाया 1 लाख का हर्जाना
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) द्वारा एक महिला की ग्रामीण पेट्रोल पंप डीलरशिप का आशय पत्र (एलओआई) रद्द करने के फैसले को वैध ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि ऑयल कंपनियों की डीलर चयन गाइडलाइंस के अनुसार राष्ट्रीय या राज्य राजमार्ग पर ग्रामीण श्रेणी का रिटेल आउटलेट स्थापित नहीं किया जा सकता। हालांकि, कंपनी की लापरवाही और देर से की गई जांच के कारण महिला को हुई आर्थिक व मानसिक परेशानी के लिए एचपीसीएल को 1 लाख रुपये हर्जाना देने का आदेश दिया गया है।
मामले के अनुसार, एचपीसीएल ने दिसंबर 2018 में ग्रामीण रिटेल आउटलेट डीलरशिप के लिए विज्ञापन जारी किया था। सरायपाली-पदमपुर रोड स्थित ग्राम नवागांव की निवासी अनंता चौधरी का आवेदन स्वीकृत होने के बाद 29 दिसंबर 2020 को उन्हें लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया गया। इसके बाद उन्होंने 8.60 लाख रुपये सुरक्षा राशि जमा की, कलेक्टर से एनओसी ली, बैंक से ऋण लेकर निर्माण कार्य कराया और ट्रांसफार्मर भी स्थापित करवा दिया।
पेट्रोल पंप शुरू होने से ठीक पहले कंपनी ने नोटिस जारी कर बताया कि प्रस्तावित भूमि स्टेट हाईवे-16 पर स्थित है, जो ग्रामीण डीलरशिप के लिए पात्र नहीं है। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर 1 फरवरी 2022 को एलओआई रद्द कर दिया गया। महिला ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि नियमों के विपरीत डीलरशिप बहाल नहीं की जा सकती, इसलिए अनुबंध निरस्त करना सही था। लेकिन समय रहते जांच नहीं करने और अंतिम चरण में कार्रवाई करने को कंपनी की गंभीर लापरवाही मानते हुए एचपीसीएल पर 1 लाख रुपये का हर्जाना लगाया।