सौम्या-रानू-सूर्यकांत को सुप्रीम कोर्ट से नियमित जमानत, लेकिन राज्य से बाहर रहेंगे...
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित करोड़ों रुपये के घोटालों से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट से आरोपियों को बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने सौम्या चौरसिया, रानू साहू और सूर्यकांत तिवारी को नियमित जमानत प्रदान कर दी है। इससे पहले तीनों आरोपी अंतरिम जमानत पर जेल से बाहर थे, जिसे अब नियमित जमानत में परिवर्तित कर दिया गया है।
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जयमाला बगाची की खंडपीठ में हुई। अदालत ने जमानत देते हुए स्पष्ट शर्त लगाई कि तीनों आरोपी फिलहाल राज्य से बाहर रहेंगे, ताकि जांच प्रक्रिया, साक्ष्यों और गवाहों पर किसी प्रकार का प्रभाव न पड़े।
सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे, हर्षवर्धन परघनिया, शशांक मिश्रा, तुषार गिरी और मुक्त गुप्ता ने पक्ष रखा। वहीं राज्य शासन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी और अतिरिक्त महाधिवक्ता रवि शर्मा ने अदालत में अपना पक्ष प्रस्तुत किया।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि जमानत दिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी की है। जांच एजेंसियों को मामले की आगे की जांच जारी रखने की पूरी स्वतंत्रता होगी।
शीर्ष अदालत के इस फैसले के बाद प्रदेश के राजनीतिक और कानूनी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। मामले पर अब सबकी निगाहें आगे की जांच और ट्रायल की दिशा पर टिकी हुई हैं।