यू डी मिंज का सरकार पर हमला पर्यटन के नाम पर जल जंगल जमीन बेचने की साजिश बर्दाश्त नहींयू डी मिंज का सरकार पर हमला पर्यटन के नाम पर जल जंगल जमीन बेचने की साजिश बर्दाश्त नहीं

यू डी मिंज का सरकार पर हमला पर्यटन के नाम पर जल जंगल जमीन बेचने की साजिश बर्दाश्त नहींयू डी मिंज का सरकार पर हमला पर्यटन के नाम पर जल जंगल जमीन बेचने की साजिश बर्दाश्त नहीं

जशपुर

यू. डी. मिंज पूर्व विधायक एवं जिलाध्यक्ष कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ सरकार की नई पर्यटन नीति पर तीखा हमला बोला है.

उन्होंने कहा कि सरकार पर्यटन के नाम पर जल जंगल जमीन को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है जो आदिवासी समाज के साथ विश्वासघात है

यू डी मिंज ने कहा कि खनिज के नाम पर हसदेव बस्तर और तमनार को पहले ही उद्योगपतियों को बेचा जा चुका है. अब पर्यटन के नाम पर वही खेल दोहराया जा रहा है
यह सरकार की अक्षमता और स्पष्ट विजन के अभाव को उजागर करता है

उन्होंने कहा कि बस्तर जशपुर और सरगुजा जैसे आदिवासी बहुल इलाकों में निजी कंपनियों की एंट्री से बाहरी लोगों का दबाव बढ़ेगा
अपराध बढ़ने की आशंका है
प्राकृतिक संसाधनों पर खतरा मंडराएगा. आदिवासियों की संस्कृति और भावनाओं के साथ खिलवाड़ होगा

यू. डी. मिंज ने कहा कि सरकार केवल मुनाफे की सोच के साथ काम कर रही है. उसे न तो जैव विविधता की चिंता है न स्थानीय समाज की सुरक्षा की. पीपीपी मॉडल के जरिए जंगलों को बाजार में बदला जा रहा है

उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस पार्टी आदिवासियों के जल जंगल जमीन पर किसी भी तरह का समझौता नहीं होने देगी. हमारी जैव विविधता हमारी पहचान है. इसे बचाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा

यह केवल एक नीति का विरोध नहीं है, यह आदिवासी समाज के अधिकार और अस्तित्व की लड़ाई है