महाविद्यालयीन अतिथि व्याख्यात्ताओं की सेवा शर्तों में सुधार एवं मांगों के निराकरण हेतु आवेदन।*
उपर्युक्त विषयांतर्गत लेख है कि छत्तीसगढ़ राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत अतिथि व्याख्याता विगत कई वर्षों से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। अस्थायी सेवा शर्तों के बावजूद अतिथि व्याख्याता शिक्षण, परीक्षा, मूल्यांकन तथा शैक्षणिक गतिविधियों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा से कर रहे हैं।
नवीन शिक्षा नीति 2020 एवम् अतिथि व्याख्याता नीति 2024 के लागू होने के पश्चात् भी अतिथि व्याख्याताओं की सेवा व्यवस्था अत्यंत अस्थिर एवं आर्थिक रूप से असंतोषजनक है, जिसके कारण मानसिक एवं आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अतः निम्नलिखित मांगों पर विचार कर आवश्यक निर्णय लेने का कष्ट करें-
1. "समान कार्य-समान वेतन' के सिद्धांत के अंतर्गत अतिथि व्याख्याताओं की कालखंड आधारित व्यवस्था को समाप्त कर, नियमित सहायक प्राध्यापक के मूल वेतन 57,700/- एकमुश्त मानदेय प्रदान किया जाए।
2. अतिथि व्याख्याताओं को प्रत्येक शैक्षणिक सत्र में 12 माह की निश्चित कार्य अवधि प्रदान की जाए, नियुक्ति एवं कार्य विराम की तिथि में एकरूपता रहे।
3. "मध्यप्रदेश अतिथि व्याख्याता नीति-2023" के तर्ज पर सवैतनिक अवकाश प्रदान किया जाए, ताकि कार्य-दबाव के बीच मानवीय आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा जा सके।
4. हरियाणा राज्य सरकार की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी महाविद्यालय में कार्यरत अतिथि व्याख्याताओं की सेवा 65 वर्ष तक सेवा सुरक्षा प्रदान किया जाए।
महोदय, उपर्युक्त मांगें पूर्णतः न्यायसंगत, व्यावहारिक एवं शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने वाली हैं। यदि इन पर सकारात्मक निर्णय लिया जाता है, तो इससे अतिथि व्याख्याता/अतिथि ग्रंथपाल / अतिथि क्रीड़ा अधिकारी का मनोबल बढ़ेगा तथा वे और अधिक समर्पण भाव से शिक्षण एवं अन्य कार्य कर सकेंगे।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि अतिथि व्याख्याताओं की उपर्युक्त मांगों पर विचार करते हुए 'मध्यप्रदेश एवं हरियाणा सरकार कि तर्ज पर नीति बनाकर सामाजिक सुरक्षा प्रदान किए जाने के सम्बन्ध में समिति गठित कर' आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें।
लव कुमार वर्मा प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ मूल निवास शासकीय महाविद्यालयीन अतिथि व्याख्याता कल्याण संघ पता ग्राम बददो, पोस्ट, बोड़ला तहसील बोडला. जिला कबीरधाम छत्तीसगढ़