राज्य में 70 फीसदी से अधिक प्राचार्य के पद खाली

राज्य में 70 फीसदी से अधिक प्राचार्य के पद खाली

छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार उच्च शिक्षा में गुणवत्ताबढ़ाने पर जोर दे रही है. इसके लिए नैक से अच्छी ग्रेडिंग हासिल करने के लिए भी जद्दोजहद किया जा रहा है. इतना ही नहीं. प्रदेश में कई शासकीय महाविद्यालयभी खोले जा रहे हैं लेकिन दूसरी ओर महाविद्यालयों में प्राचार्यों की बात की जाए तो 70 से अधिक फीसदी कॉलेजों में प्राचार्य के पद खाली पड़े हैं. जानकारों की मानें तो करीब 30-35 प्राचार्य तीन चार साल में सेवानिवृत्त हो रहे हैं. ऐसे में यदि जल्द ही पदोन्नति नहीं हुआ तो सभी महाविद्यालय प्राचार्य विहीन महाविद्यालय हो जाएंगे.


छत्तीसगढ़ में 261 सरकारी महाविद्यालय संचालित हैं. जिनमें से करीब 170 में प्राचार्यों के पद रिक्त है. पिछले 10 वर्षों से पदोन्नति नहीं होने से करीब 90 कॉलेजों में नियमित प्राचार्य रह गए हैं. उनमें से भी ज्यादातर तीन से चार वर्षों से सेवानिवृत्त हो जाएंगे. वहीं, राज्य में संचालित 203 यूजी कॉलेज में से सिर्फ 45 में ही नियमित पर कार्य पदस्थ हैं. 58 स्नातकोत्तर महाविद्यालय में से 38 में प्राचार्य के पद रिक्त है.

जानकारी के मुताबिक कॉलेजों में वर्तमान में सेवा दे रहे लगभग 30 से 35 प्राचार्य ऐसे हैं जो तीन से चार वर्षों में सेवानिवृत्त हो जाएंगे. इतना ही नहीं, हर माह पदोन्नति के योग्य प्राध्यापक भी सेवानिवृत्त हो रहे हैं. प्राचार्यों का भी सेवानिवृत्त होने का दौर लगातार जारी है. ऐसे में पद रिक्त होने और पदोन्नति नहीं होने से आने वाले समय में महाविद्यालय को प्राचार्य की कमी से जूझना पड़ सकता है.